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रिहायशी मकान में कमर्शियल निर्माण, नगर निगम कब देगा इस ओर ध्यान ?

सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने वाले निर्माणकर्ताओं पर क्या निगम कमिश्नर करेंगे करवाई ?

जालंधर, 13 मार्च (धर्मेंद्र सौंधी) : नगर निगम में से भ्रष्टाचारी कैसे खत्म होगी यह तो पता नहीं और भ्रष्ट कर्मचारियों और अफसरो पर क्या कोई कार्रवाई भी होगी या फिर सरकारी खर्चे पर सिर्फ और सिर्फ कागजों पर ही काम करते हुए फ्री में कागज ही काले करते रहेंगे और ग्राउंड लेवल पर कुछ नहीं होगा ! क्योंकि यह कोई हम नहीं कहते हैं यह कहना तो आम जनता और नगर निगम से हमारे कुछ विश्वसनीय सूत्रों द्वारा कहा जाना है की फील्ड के कर्मचारी व अफसर अपने-अपने दफ्तरों और केबिन में बैठकर लिख लिख कर कागज ही काले करते रहते हैं और अगर बात की जाए ग्राउंड लेवल की तो मामला कुछ और ही सामने आता है जैसे की आज यहां आपको बताने जा रहे हैं कि नगर निगम की हद में पढ़ते और वार्ड नंबर 70 के अंतर्गत आते और खास कर जहां से आम आदमी पार्टी के नए पार्षद चुने गए जतिन गुलाटी के एरिया की बात करने जा रहे हैं की शहर के पुराने अंदर ही अंदर जो की तेल वाली गली से मशहूर एरिया और जहां पर जैसा की आप तस्वीरों के माध्यम से भी देख सकते हैं कि जब मीडिया कर्मियों को इस एरिया की सूचना मिली और जब यहां पर भी कवरेज की गई और आप देख सकते हैं कि पुराने किसी घर के दरवाजे और दीवारों को तोड़कर और ऊपर देख सकते हैं की बीम और बीच में दीवार भी डाले गए हैं यहां पर हमारे सूत्रों से पता चला कि यहां पर भी कमर्शियल दुकाने और जो की रिहायशी मकान में से निकाली जा रही हैं कैसे-कैसे यह तो हमें आम आदमी पार्टी के मौजूदा मुख्यमंत्री भगवंत मान साहब और जिन्हें लोगों ने विश्वास करके आम आदमी पार्टी के ही मेयर बनाए गए हैं

जालंधर महानगर में नए मेयर साहब विनीत धीर ही बताएं कि कैसे जबकि उनके खुद के ही पार्षद के एरिया में ऐसे काम चल रहे होंगे तो कैसे फिर नगर निगम में से भ्रष्टाचारी खत्म करना तो दूर की बात है चलो पहले की सरकारों के मुकाबले कम ही करके दिखा दें यह लोगों का कहना है और यहां पर इतना ही नहीं जब इस संबंधित कवरेज करने के उपरांत इस एरिया के मौजूदा वार्ड नंबर 70 से जीते आम आदमी पार्टी के पार्षद जतिन गुलाटी से बात की जाती है उनके फोन नंबर पर तो वह आगे से कहते हैं कि हां उनके भी ध्यान में यह मामला है परंतु वहां तो कोई दुकाने नहीं निकली जा रही और उन लोगों ने तो रिपेयर करने के लिए बोला था और दूसरी बात जो की जतिन गुलाटी पार्षद ने जवाब दिया कि आप नगर निगम से इस बारे में आर.टी.आई. डालकर देख सकते हैं और पता करवा सकते हैं ! परंतु उन भाई साहब को पता नहीं है कि आप ही की सरकार में तो आर.टी.आई. का जवाब भी समय और समय पर और सही-सही तो मिलता ही नहीं है तो फिर कैसे आप यह अपनी तरफ से जवाब देते हैं क्या सिर्फ और सिर्फ पल्ला झाड़ने के लिए ही क्योंकि आर.टी.आई के जवाब को ही 30 दिन का समय तो होता ही है परंतु नगर निगम में तो 30 दिनों के ऊपर हो कर देते और तो और आरटीआई की पहली अपील का भी जवाब समय पर ही नहीं भेजा जाता तो फिर क्या उम्मीद करें कि आरटीआई से तो सही जवाब मिलेगा क्योंकि ऐसा जवाब देकर तो पहले ही पल्ला झाड़ जाता है कि ताकि आगे से उस पार्टी को 30 दिन का काम है 30 दिन का समय अपना काम कंप्लीट करने के लिए मिल जाए तो यहां पर पार्षद मौजूदा, विधायक, आम आदमी पार्टी के मंत्री व नेताओं से उसके साथ साथ ही नए मेयर और अगर तो निगम कमिश्नर जैन साहब भी अगर अपना-अपना काम सभी ईमानदारी से करना चाहते हैं

तो क्या आने वाले दिनों में देखा जाएगा की यहां पर भी आने वाले दिनों में जांच करके की दुकाने निकाल रही है और पहले तो अपनी खाना पूर्ति करने के लिए क्या आने वाले दिनों में नोटिस निकाल कर यहां पर भी कार्रवाई की जाएगी या फिर जैसा की आपको पहले भी बताया है कि सिर्फ और सिर्फ कागज काले करते हुए अपने दफ्तर और केबिन में बैठकर बस बड़ी-बड़ी बातें की जाएगी और काम कुछ नहीं होगा और जो की नगर निगम के सरकारी खजाने में आने वाला पैसा टैक्स के रूप में वह ऐसे लोगों की जेब में जाकर भरते रहेंगे यह भी आम जनता और लोगों के साथ-साथ हमारे सूत्रों का कहना है कि सर इस सरकार में तो आप जितनी मर्जी करी जाए परंतु यह निकले लेवल के लोग पता नहीं कैसे अपने से ऊपर के अवसर अधिकारियों को अपनी चिकनी चुपड़ी बातों में लेकर के शांत करके बिता देते हैं परंतु शायद ही कहीं ना कहीं कार्रवाई देखने को मिले ! यहां पर एक बात कुछ साल पहले जब कांग्रेस सरकार थी तब नवजोत सिंह सिद्धू ने जब जालंधर आकर बड़े-बड़े मालों और कमर्शियल साइट्स पर कार्रवाई की थी तब उस समय जब मीडिया भी साथ में थी मीडिया के सामने ही नगर निगम के कर्मचारियों को व अफसरो को दांट व फटकार लगाते हुए एक बात बोली थी जो की यहां पर इनके अफसर व अधिकारियों के साथ-साथ आम आदमी पार्टी में बैठे हैं मंत्रियों और खासकर वैसे तो शायद आम आदमी पार्टी के जो कि मौजूदा मुख्यमंत्री भगवत मान साहब हैं उन्हें भी पता होगी कि यह तो कोई ताश के पत्ते नहीं है जो रातों-रात खड़े हो गए ! परंतु अगर बात की जाए कुछ दिन पहले की तो जब से नई दिल्ली चुनाव हारने के बाद आम आदमी पार्टी के नेता और खुद मुख्यमंत्री भगवंत मान काम करते हुए हरकत में आए हैं क्या उम्मीद की जाएगी की आने वाले दिनों में यहां पर इस जगह इन दुकानों पर अब जो कि अवैध रूप से बन रही हैं और जैसा की इस एरिया के लोगों का कहना है आने वाले दिनों में इन पर कार्रवाई की जाएगी और इस एरिया के बिल्डिंग इंस्पेक्टर और ए.टी.पी. पर भी कार्रवाई की जाएगी क्योंकि ऐसे लोगों के बिना यह ऐसे दुकाने बनाना संभव ही नहीं है

इस बात की जानकारी देने और लेने के लिए जब खुद मीडिया कर्मी एम.टी.पी. साहब से मिलते हैं तो उनके पास ही खड़े शायद इस एरिया के नए बिल्डिंग इंस्पेक्टर भी खड़े होते हैं और एम.टी.पी. साहब उसकी और इशारा करके मीडिया कर्मियों से कहते हैं कि इन्हें तस्वीरें दिखाकर उनके मोबाइल में यह तस्वीर और लोकेशन भेज दें ताकि यह वहां पर जाकर मौका देखकर उन पर बनती कार्रवाई की जाए यहां पर एक बात यह भी सामने आती है कि पहले जब यह दुकाने बनने शुरू हुई थी उस समय बिल्डिंग इंस्पेक्टर और ए.टी.पी. शायद कोई और थे और अब एमटीपी साहब ने जिसको तस्वीरें भेजने के लिए बोला गया था जब और उसे कर्मचारी से बात होती है तो वह कहते है मैं खुद कहते हैं कि उनके पास तो यह एरिया कुछ दिन पहले ही आया है तो क्या यह भी माना जाए इसे पहले जो पहले के बिल्डिंग इंस्पेक्टर और ए.टी.पी. होंगे उनके यहां पर कोई मिलीभगत नहीं होगी यह भी एक जांच का विषय है और क्या नगर निगम के बिल्डिंग विभाग के अधिकारी और खुद कमिश्नर साहब और इसके साथ-साथ ही आम आदमी पार्टी के मेयर विनीत धीर ऐसे करप्ट लोगों पर करवाई करते हैं या फिर पहले की सरकारों की तरह ही और जैसा की मौजूदा आम आदमी पार्टी की सरकार में बीते ढाई पौने तीन सालों से होता आया है की बस चेतावनी दी सही काम करने की और बस छोड़ दिया और फिर वैसे ही सब कुछ चलता रहेगा यह तो अब आने वाले दिनों में ही देखने को मिलेगा की इन दुकानों पर करवाई होती है या फिर यह भी पहले की तरह ही ठंडा बस्ते में चला जाएगा।

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