
जालंधर, 15 मार्च (कबीर सौंधी) : नगर निगम कमिश्नर को लगता है कि खजाना भरने के लिए तबादलों की कलम ही सही हथियार है। इसीलिए उन्होंने बिल्डिंग ब्रांच में तबादले किए लेकिन न जेई और न ही एसडीओ तबादला कुर्सियों पर बैठे बल्कि जनता के काम भी फंसने लगे। इसके बाद कमिश्नर को 15-20 दिन निगम का खजाना भरता नहीं दिखा तो उन्होंने फिर से तबादले कर दिए। अब सवाल ये उठता है कि अगर कमिश्नर को अपने पहले आदेशों के बाद दोबारा आदेश लागू करने थे तो 15-20 दिन खराब क्यों किए। या कमिश्नर ने सभी को हल्के में ले लिया या पहले गलत फैसला लिया। नए तबादला आदेश के मुताबिक एटीपी रविंदर कुमार को 1,11, 12, 12 ए, पूजा मान को 4,5,6, राजिंदर शर्माको 2,3, 6ए, सुषमा दुग्गल को 10,15, सुखप्रीत कौर को 8,9, सुखदेव वशिष्ट को 13,14, 17, 18, 19 सेक्टर की जिम्मेवारी सौंपी गई है।
बिल्डिंग इंस्पेक्टर वरिदर कौर को 1,2,3, अजय कुमार को 13, 14, 17, 18, 19, हरमिंदर मक्कड़ को 8,9,10, 15, नरिंदर कुमार को 4,5,6, हरप्रीत कौर को 11, 12, 12 ए, मनदीप कौर को 6 ए, 7, 7ए, गुरदेव सिंह को सेक्टर 16, 20 की जिम्मेवारी दी गई है। एसडीएम की बात करें तो सविंदर पाल कौर को सेक्टर 1,2,3,4,5,6, 16, 20, मनदीप कौर को 6 ए, 7, 7ए, 11,12, 12ए, 8,9 और गुरदेव सिंह को 13, 14, 17, 18,19,10 और 15 की जिम्मेवारी दी गई है।